Sunday, September 13, 2009

ये रिश्ता......




तुम कौन हो मैं नही जानता,


तुम कहाँ से आए कहाँ मालूम,




हाँ मगर कुछ बात हैं तुममे


की जब भी साँस लेता हूँ


तुम्हे महसूस करता हूँ,


की हर लम्हे मैं तुम्हे ही देखता हूँ,


की हर पल मैं तुम्हे ही मांगता हूँ,




एक अनकहा रिश्ता है तुमसे मेरा,


जिसे एक नाम देना है मुझे,


जो दुनिया की समझ से परे है,


मगर तुम जानते हो हमारे रिश्ते का नाम,


नही वो तो दुनिया से ही परे है.................................








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