Saturday, January 2, 2010

एक सच....

भला कहाँ तक उसे मेरे साथ चलना था,
की एक दिन तो उसे रास्ता बदलना था,

मेरे पैरो को तो यायावरी का श्राप मिला,
और उसके भाग्य में किसी मोड़ पे ठहरना था,

मैं भी कहाँ अटल रहा अपनी बात पर,
सो उसको भी तो अपनी बात से मुकरना था,

एक तेरे नाम पर अनेक स्वर मुखर हुए,
इतना तो मेरी बात में पहले असर न था,

अब लोग कहते है,ये है तेरा कर्मफल,
तेरे नसीब में इस हाल से गुजरना था,

3 comments:

  1. मेरे पैरो को तो यायावरी का श्राप मिला ....
    Dil jeet liya .... bahut khoob

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