देख ली सारी कोशिशे करके,
कोई तो तौर बता,तुझको भूल जाने का,
थोड़ा खून बेचते है,थोड़ी खुशी,
ये मेरा सलीका,ज़िन्दगी बिताने का,
तेरी याद,तेरी जुस्तजू, तेरी तमन्ना,
ये लाल-ओ-गुहार मेरे खजाने का,
मिट चुके होते शायद कभी के,
अगर न होता इंतज़ार तेरे आने का,
लाल-ओ-गुहार -हीरा-मोती
nice..keep working on it... get better
ReplyDeleteVed
Gud poem...urdu to gazab ki h...
ReplyDeletekeep penning ur emotions...