वो कहाँ लौट कर वापस आया था,
हमने जिसको अपना खुदा बनाया था,
सुर्ख आँखों को पता है नींद की कीमत,
पिछली बार तुमने ही मुझे सुलाया था,
तुम्ही ना समझ सके कभी हमारे प्यार को,
हमने कई बार आँखों से तुम्हे बताया था,
दिल में एक टीस तेरे जाने से थी,
ये दर्द भी सीने में हमने छुपाया था,
तेरी यादों की लुत्फ़ की क्या है बात,
तेरी फुरकत को भी सीने से हमने लगाया था,
Saturday, May 29, 2010
Subscribe to:
Comments (Atom)